Agriculture Act 2021: क्या है क्रषि अधिनियम MSP, APMC Act जाने व्याख्या के साथ

Agriculture Act 2021 | What is MSP | MSP Software

Agriculture Act 2021 in Hindi:दोस्तों आज हम इस लेख में Agriculture Act 2020 के बारें में बतायेगें।Agriculture Bill जो कि राष्ट्रपति के द्वारा पास करके उसे एक्ट बना दिया गया है।कृषि विधेयक बिल में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाय जायेगा कि जहां किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी.

दोस्तो कई दशको के बाद भारत की क्रषि क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है सरकार के द्वारा किये गये इस बदलाव के अन्तर्गत तीन विधेयको को क्रषि सुधार में काफी अहम माना जा रहा  है।जैसा की हमारे प्रधानमंत्री जी का कहना है कि इससे किसानो का आय में व्रध्दी होगी।

बीते जून में ही केद्रिय मंत्री मण्डल ने क्रषि क्षेत्र में अहम सुधारो के लिए तीन अध्यादेशो   को दी थी मंजूरी

इन दिनो क्रषि बिल एवं किसान आंदोलन काफी चर्चा में है।संसद में पारित हुए क्रषि सुधार से जुड़े तीन क्रषि विधेयक तो आइये जानते है तीनो क्रषि विधयेक के बारें में

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Agriculture Act 2020

क्रषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा विधेयक) 2020 

  • किसानो एवं व्यापारियों को मंडी से बाहर फसल बेचने की होगी आजादी
  • फसल की बिक्री पर कोई टैक्स नही लगेगा
  • पेमेंट की शर्ते तय करने और विवाद के निपटारे के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी या उसके द्वारा नियुक्त आर्बिटेशन कमेटी अधिक्रत की किया जायेगा
  • विधेयक में किसानो की उपज (Farm Produce) का अर्थ है
  • इसके अन्तर्गत खाद्य पदार्थ जैसे गेंहूं,और चावल तिलहन तेल सब्जिया फल मसाला,मुर्गी पालन सूअर पालन बकरी पालन एवं मत्स्य पालन डेयरी आदि के उत्पाद,कच्चा कपास जूट और पशुचारा

मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती एवं सुरक्षा) समझौता और क्रषि सेवा विधेयक 2020

  • इस बिल में देश भर में कांट्रैक्ट फार्मिंग (Contract Farming) को लेकर व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव
  • पहले से तय कीमत और गुणवात्ता मानको के आधार पर फसल खरीद का हो सकता है कांट्रैक्ट
  • कांट्रैक्ट फार्मिंग के जरिये कंम्पनियो को अपनी कीमत पर फसल बेच सकेगे किसान

आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में हुआ संशोधन
  • अनाज दाल तिलहन खाद्य तेल प्याज और आलू जैसी वस्तुएं आवश्यक वस्तुओं से बाहर अगर जरुरत पड़ने पर स्टाक लिमिट हटी
  • युद्द,अकाल,आसाधारण मूल्य व्रद्दि और प्राक्रतिक आपदा जैसी स्थितियो इन उत्पादो का हो सकेगा विनिमय
  • इन उत्पादों की खरीद बिक्री और देश भर में आवाजाही पर भी कोई प्रतिबंध नही होगा

Agriculture Act 2020 के विवादित टर्म

  • व्यापार क्षेत्र” ,व्यापारी,बाजार शुल्क एवं विवाद समाधान के प्रावधान पर विवाद
  • व्यापार के क्षेत्र  की परिभाषा एपीएमसी एक्ट(APMC Act) के तहत स्थापित मौजूदा मंडी बाहर
  • एक व्यापारी एपीएमसी मंडीऔर व्यापार क्षेत्र दोनो मे कर सकता है काम,इससे किसानो के द्वारा व्यापारीयो पर भरोसा करना मुश्किल हो सकता है।
  • व्यापार क्षेत्र के अंदर किसान या व्यापारी पर कोई भी बाजार शुल्क या उपकर या लेवी लागू करने की इजाजत नही
  • विवाद निवारण तंत्र पर आक्षेप सुलह की प्रस्तावित प्रणाली का किसानों के खिलाफ इस्तेमाल करने का डर

सरकार के द्वारा दिया गया तर्क

  • किसान किसी भी बाजार में मनचाही कीमत पर बेच सकेगा अपनी फसल किसानों को मिलेगे बेहतर विकल्प
  • किसानो कीमंडी में जाकर लाईसेंसी व्यापारियो को ही अपनी उपज बेचने की मजबूरी खत्म
  • सरकार के अनुसार एक देश एक क्रषि बाजार सोच को बढ़ावा मिलेगा
  • उत्पादको को नही उठाना पड़ेगा बाजार के उतार चढाव का जोखिम
  • किसानो को अपने भुगतान के लिए चक्कर नही लगाने पड़ेगे इसके लिए समयावधि सुनिश्चत होगी और विवाद का निपटारा भी जल्दी होगा

Agriculture Act 2020:किसान बिल का विरोध क्यों?

आइये जानते है कि यदि सरकार किसानो के लिए फायदे का बात कर रही है तो फिर उसका विरोध क्यो हो रहा है।

  • किसान एवं व्यापारियो को इन विधेयकों से APMC मंडियां खत्म करने की अंशका
  • नये कानून के बाद सरकार के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP पर फसलों का खरीद बंद कर देने का डर
  • क्रषि क्षेत्र के कारपोरेट घरानो के हाथो में जाने और किसानो को नुकसान होने की अंशका
  • कांट्रैक्ट फार्मिगं से किसानो का शोषण बढ़ने की अंशका
  • काला बजारी और जमा खोरी  को बढावा

सरकार को क्या करना चाहिये?

  • केन्द्र सरकार को किसानों सहित विधेयको के विरोध करने वालों तक पहुच कर उन्हें सुधार की जरुरत समझानी चाहिये
  • क्रषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिये जाने के साथ APMC की पहुंच में विस्तार के लिए हों जरुरी सुधार
  • मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनाने और क्रषि अवसंरचना में सुधार पर ध्यान केन्द्रित करने की जरुरत
  • e-Nam जैसे नवीन प्रयासो के जरिये क्रषि क्षेत्र में e-Trading को बढावा मिले
  • क्रषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के संदर्भ में स्वामीनाथन सिमिति की सिफारिशें लागू हो

न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) क्या हैWhat is MSP

MSP full form – Maximum Selling Price

  • MSP भारत सरकार द्वारा किसानो को मूल्यों में अत्याधिक गिरावट के विरुद्ध सुरक्षित करने के लिए नियत किया गया मूल्य है।
  • भारत सरकार के द्वारा क्रषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की अनुशंसाओ के आधार पर कुछ फसलों की बुवाई सत्र के आरम्भ मे MSP की घोषणा की जाती है।

APMC Act क्या है?

  • 1970 के दशक में Agriculture Produce Marketing Act (APMC Act) के तहत क्रषि विपणन समितियां बनी थी।इसे ही शार्ट फार्म में एपीमसी कहा जाता  है
  • बाजारों में व्यवस्था लाने और बिचौलियों के हाथों किसानो का शोषण रोकने की दिशा में सराहनीय काम है
  • अधिकांश राज्यों में अपने अपने एपीएमसी कानून थे लेकिन केन्द्रीय स्तर पर कानून आने के बाद इसका असली मकसद पूरा नही हो पाया

Agriculture Produce Marketing Act (APMC Act) के नुकसान

  • इससे मंडी ढांचे में बढ़ोत्तरी तो हुई लेकिन यह सरप्लस एग्री कमोडिटी की खरीद बिक्री में व्रद्दि से तालमेंल नही बिठा पाया।
  • समय बीतने के साथ ही कई राज्यों नें एपीएमसी मंडियों में वसूले जाने वाले शुल्क हद से ज्यादा बढा दिये। पंजाब में 14.5%,हरियाणा में 11.5%
  • APMC Act के तहत राज्य सरकार जो भी चार्ज या सेस तय करें उससे अंतत: भरते है किसान ही।
  • पंजाब में ही 48000 आढ़तिये रजिस्टर्ड है।
  • टाईम्स आफ इण्डिया की एक रिपोर्ट कहती है कि यह (Farm to Fork) व्रद्धि भारत में 65 प्रतिशत तक ही हो सकती है जबकि उत्तरी यूरोप 10 फिसदी और इंडोनेशिया जैसे विकासशील देशो 25 फीसदी की होती है।
  • संविधान की सातवी अनूसूची मे राज्य सूची की 28वीं प्रविष्टी में इसका स्पष्ट उल्लेख है

Agriculture Act 2020 : न्यू अपडेट

  • क्रषि सुधारो के लिए संसद में पारित कानूनो के अस्तित्व में आते ही क्रषि क्षेत्र में निवेश का रास्ता साफ हो गया।सहकारी क्षेत्र की प्रमुख संस्था नैफेड(भारतीय राष्ट्रीय क्रषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड) ने साल भर मे देश में सौ से अधिक मंडिया स्थापित करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र राज्य का पुणे में पहली मंडी खुल गई है।किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी सोसाईटियों के साथ मिलकर नैफैड ने यह बडडी पहल की है।इन मंडियों में बुनियादी सुविधाओं  की विकास नैफेड कि ओर से किया जायेगा।जबकि उनका नियमित संचालन किसान उत्पादक संगठनों का प्रबंधन करेगा।
  • सरकार की मशा के अनुरुप परंपरागत मंडियों के समानान्तर इन निजी मंडियों में किसानों के हित में सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जायेगी।
  • पहली नैफेड किसान मंडी पूणे में 30 एफपीओ के साथ मिलकर स्थापित की जायेगी।
  • वहीं दूसरी मंडी महाराष्ट्र राज्य के नासिक के पास ढोलफरे में जल्द स्थापिक कि जायेगी।इसमें तौल की आधुनिक मशीने , उपज का नीलामी स्थल शंटिग,ग्रेडिंग,नमी वाली उपल को सुखाने की आधुनिक मशीने,कुलिंग एवं पैकिंग की व्यवस्था प्रमुख तौर पर होगी।

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